मानवता के विकसित होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं एलियंस!

वॉशिंगटन। अंतरिक्ष में जीवन है या नहीं? जितनी दिलचस्पी लोगों को इस सवाल में रहती है, उतनी ही दिलचस्पी इस सवाल में है कि क्या एलियंस (Aliens) वाकई होते हैं या नहीं? फिलहाल इस बारे में अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं लेकिन समय-समय पर अलग-अलग थ्योरी एलियंस को लेकर आती रहती हैं। वहीं एलियंस की मौजूदगी को लेकर इस्राइल के अंतरिक्ष सुरक्षा प्रोग्राम के पूर्व प्रमुख हाइम इशेद ने बड़ा खुलासा किया है। हाइम इशेद ने दावा किया है एलियंस असल में मौजूद हैं और अमेरिका के अलावा इजराइल के साथ गुप्त रूप से संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि एलियंस अभी शांत हैं क्योंकि मानवता तैयार नहीं है।

मंगल ग्रह पर तैयार है अंडरग्राउंड स्पेस बेस
हाइम इशेद 30 साल तक इस्राइल के अंतरिक्ष सुरक्षा प्रोग्राम से जुड़े हुए थे और अब रिटायर्ड हो चुके हैं। हाइम ने बताया कि उनका एक गेलेक्टिक फेडरेशन नाम का संगठन है, जिसने वॉशिंगटन के साथ एक गुप्त संधि के तहत मंगल गृह पर एक अंडरग्राउंड स्पेस बेस तैयार किया है। इसके तहत अंतरिक्ष यात्री और एलियंस एक साथ फेडरेशन की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं।
लंबे समय से एलियंस के साथ काम कर रहे अमेरिका-इस्राइल
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हाइम ने इस्राइली अखबार को बताया कि अमेरिका और इस्राइल लंबे समय से एलियंस के साथ काम कर रहे हैं लेकिन उनका अस्तित्व इसलिए रहस्य बना हुआ है क्योंकि मानवता अभी तैयार नहीं है। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष का अपना गेलेक्टिक फेडरेशन नाम का संगठन भी है।
खुलासा करने से ट्रम्प को रोका
हाइम इशेद ने इस्राइल अंतरिक्ष सुरक्षा प्रोग्राम के साथ 1981-2010 तक काम किया। उन्होंने बताया कि निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एलियंस की मौजूदगी का खुलासा करने वाले थे। हालांकि गेलेक्टिक फेडरेशन में मौजूद एलियंस ने उन्हें ऐसा करने से रोका। वे किसी तरह का सामूहिक उन्माद पैदा नहीं करना चाहते थे।

हाइम इशेद ने दावा किया कि वह एलियंस के अस्तित्व की पुष्टि कर सकते हैं। वे लंबे समय से हमारे साथ संपर्क में हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि एलियंस और अमेरिकी सरकार के बीच एक एग्रीमेंट भी है। वो प्रयोग कर रहे हैं और हम पर राज करना चाहते हैं।
उनका कहना है कि एलियंस ने अपने कामकाजों को गुप्त रखने के लिए एक समझौता किया है। एलियंस मानवता के विकसित होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं और वो चाहते हैं कि इंसान पहले एक ऐसी अवस्था में पहुंच जाए जहां आमतौर पर स्पेस और स्पेसशिप की समझ इंसानों को हो जाए।
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