397 साल बाद अंतरिक्ष में अद्भुत नजारा, गुरु-शनि होंगे करीब

वाशिंगटन (UHN) : आने वाली 21 दिसंबर को अंतरिक्ष में ऐसा चमकत्कार होगा जो इससे पहले 1623 ईस्वी में हुआ था। बता दें कि एक दुर्लभ खगोलीय घटना होगी जिसमें बृहस्पति और शनि इस दिन एक दूसरे के बेहद करीब दिखाई देंगे। इस दौरान यह चमकदार तारे की तरह लोगों को नजर आएंगे। यह अद्भुत संयोग करीब 397 साल बाद बना है और अगर आप इसे देखने से चूक गए तो इसके लिए फिर आपको 60 साल इंतजार करना होगा।
1623 ईसवी के बाद अब
1623 ईस्वी के बाद से दोनों ग्रह इतने करीब कभी नहीं रहे हैं। इसलिए इसे "एक महान संयोजन" बताया जा रहा है। एमपी बिड़ला तारामंडल के निदेशक, देबी प्रसाद दुआरी ने अपने बयान में कहा कि यह बेहद दुर्लभ संयोग है जो हजारों वर्षों में एक बार बनता है। उन्होंने कहा, "अगर दो खगोलीय पिंड पृथ्वी से एक दूसरे के करीब दिखाई देते हैं, तो इसे एक संयुग्मन कहा जाता है और अगर शनि और बृहस्पति के ऐसे संयोग बनते हैं तो इसे महान संयुग्मन कहते हैं।"
अगली बार 15 मार्च, 2080 को
दुआरी ने कहा, 21 दिसंबर की रात इन दोनों ग्रहों की भौतिक दूरी लगभग 735 मिलियन किमी होगी। इसके बाद ऐसा अद्भुत संयोग 15 मार्च, 2080 को बनेगा। 21 दिसंबर के दिन भारत भर के अधिकांश प्रमुख शहरों में, सूर्यास्त के बाद इस अद्भुत नजारे को लोग अपनी आंखों से आसानी से देख सकते हैं।
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