शरद पूर्णिमा 31 को, लेकिन 30 की चाँदनी रात में रखें खीर
शरद पूर्णिमा 31 को, पर 30 की चाँदनी रात में रखें खीर
Sharad Purnima 2020: शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की रोशनी में खीर रखने का होता है वैज्ञानिक महत्व, कई बीमारियां होती हैं दूर।
30 अक्टूबर की शाम 05:23 बजे से पूर्णिमा का मान शुरू हो जाएगा जो 31 कि शाम 7 बजे तक रहेगा। 30 अक्टूबर शुक्रवार को आश्विन नक्षत्र, वज्र योग और चंद्रमा मेष राशि का संयोग बना रहा है।
शरद पूर्णिमा का व्रत 31 को करना उत्तम रहेगा। इसे कोजगारी और कौमुदी भी कहा जाता है।
शरद पूर्णिमा का पावन पर्व शुक्रवार, 30 अक्तूबर को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन चंद्रमा सोलह कलाओं से पूर्ण होकर अमृत वर्षा करता है। शरद पूर्णिमा को रात भर चंद्रमा की रोशनी में खीर रखने की मान्यता भी है। ऐसा माना जाता है कि इस खीर का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद है। रात भर चंद्रमा की रोशनी में खीर रखने का धार्मिक महत्व के साथ ही वैज्ञानिक महत्व भी होता है।
खीर दूध और चावल से बनकर तैयार होती है। दरअसल दूध में लैक्टिक नामक अम्ल पाया जाता है, जो चंद्रमा की किरणों से अधिक मात्रा में शक्ति का पोषण करता है। इसके साथ ही चावल में स्टार्च पाया जाता है, जिस वजह से ये प्रक्रिया और भी आसान हो जाती है। वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार भी इस खीर का सेवन करना काफी फायदेमंद होता है।
दमा के मरीजों के लिए फायदेमंद:
दमा के मरीजों के लिए ये खीर काफी फायदेमंद होती है। दमा के मरीज शरद पूर्णिमा की रात में खीर को चंद्रमा की रोशनी में रखें और सुबह चार बजे के आसपास इसका सेवन कर लें।
हार्ट पेशेंट के लिए भी काफी फायदेमंद है खीर:
इस खीर का सेवन दिल के मरीजों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। ऐसे मरीज को खीर का सेवन सुबह कर लेना चाहिए।
स्किन से संबंधिक समस्याएं भी होती हैं दूर:
शरद पूर्णिमा की रात्रि में खीर रख कर सुबह उसका सेवन करने से स्किन से संबंधिक समस्याएं दूर हो जाती हैं।
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