UPPCL दास्तान-ए-भ्रष्टाचार

दास्तान-ए-भ्रष्टाचार uppcl 

स्मार्ट मीटर + स्मार्ट मंत्री + स्मार्ट बडका बाबू = स्मार्ट घोटाला 

लखनऊ 13 अगस्त 2020 
आज हम अपने पाठको को दास्ताने घोटाला स्मार्ट मीटर बताने जा रहे हैं कि किस तरह से अवैध रूप  से नियुक्ति अनुभवही बडका बाबूओ के भ्रष्टाचार की सजा उत्तर प्रदेश की जनता को भुगतनी पड रही है और वो संख्या व तारीखे भी अपने पाठको के सामने रखेगे और बताएगे कि किस तरह से स्मार्ट मीटर के नाम पर यह लूट का खेल प्रदेश की जनता के साथ हुआ तारीखो और सबूतो के साथ 
इस स्मार्ट घोटाले की नीव पूर्व बडकाबाबू आलोक कुमार के समय हुई तारीख थी *8 अगस्त 2017 जब उदय योजना के तहत स्मार्ट मीटर  लगाने के काम के लिए बिना टेण्डर के   EESL और UPPCL के अधिकारीयो के बीच एक मीटिग होती है और र फिर फरवरी  2018 मे पूरे प्रदेश के चुनिंदा शहरो पूर्वाचल के इलाहाबाद गोरखपुर व वाराणासी,  दक्षिणाचल के झाँसी मथुरा मध्याचल के फैजाबाद  ,बरेली  व लेसा( लखनऊ) के शहरी इलाको पश्चिमाचल के मुरादाबाद मेरठ सहारनपुर वा केस्को के कुछ  शहरी हिस्सों  पर 10 लाख स्मार्ट मीटर व उसके साथ साथ मीटर केबिल लगने की सहमति बनती है  और फिर लखनऊ में  बिना किसी नियम  कानून के L&T मीटर लगाने का काम शुरु कर देती है* यानि कि घोटाला स्मार्ट मीटर शुरु एक बात जो पाठकों के बताना आवश्यक है कि यह *पाॅचो कम्पनीया स्वयत है यानि आटोनोमस इनका प्रबंधन अलग-अलग होता है और उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन इन सभी कम्पनीयो में  समन्वय स्थापित करने वाली संस्था है जिसमे बैठे अनुभव हीन बडकाबाबूओ यह एक छोटा सा दखल अन्दाजी का नमूना है* जिसे त्योहार के दिन प्रदेश की जनता ने झेला है बडकाबाबू लोग मस्त जनता त्रस्त खैर अब बात करते हैं *स्मार्ट मीटर समझौते की जो कि अप्रैल 2019 तक किसी भी डिस्काम और EESL के बीच नही हुआ था होता भी कैसे ना तो कोई निविदा निकाली गयी थी और काम शुरु हुए कई महीने हो गये थे जिसका सबूत अधिशाषी अभियन्ता द्वारा दर्ज FIR है जिसकी कापी प्रगति यात्रा मासिक पत्रिका के पास मौजूद है* बात आती है मीटर की जिसका उत्पादन जीनस नामक कम्पनी कर रही है *यह कम्पनी की जमानत राशी केस्को खराब उत्पाद होने की वजह से पहले  ही  जब्त कर चुकी थी* और जिसका सबूत उच्च न्यायालय इलाहाबाद मे  *उपभोक्ता सरक्षण उत्थान समिति के द्वारा दायर जनहित याचिका मे लगाया गया है परन्तु इतना सब हो जाने के बावजूद भी इन भ्रष्टाचारियों की नींद नही खुली*   और बिना केबिल के पुराने  मीटर हटा कर स्मार्ट मीटर लगाने का काम बदस्तूर जारी है और सबसे मजे की बात तो यह है कि इन सब पर कोई भी अधिकारी का नियंत्रण नही है  अगर किसी उपभोक्ता का बिजली का बिल नहीं जमा है और उस उपभोक्ता का कनेक्शन  स्मार्ट मीटर  के द्वारा है तो लाइन काटे के लिए अधिशाषी अभियन्ता L&T को कहेगा फिर उस उपभोक्ता का कनेक्शन काटा जाएगा और अगर सप्लाई चालू करनी है तभी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी यानि कि अब सारा नियंत्रण L&T के अनुभवहीन कर्मचारियों के हाथो मे है जिसका *परिणाम 12अगस्त जन्माष्टमी के दिन पूरे प्रदेश के लाखो उपभोक्ताओ को भुगतना पडा । EESL और L&T दोनो कम्पनीयो के अधिकारीयो को हटा कर  कम्पनीयो ने इतने बडे काम पर पर्दा डाल कर इतिश्री कर ली* पूरे सबूतो और विस्तृत खबर के लिए  पाठकों को प्रगति यात्रा के अंक को पढना चाहिए  । खैर  

भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियो के विरुद्ध यह युद्ध अभी शेष है 
 
अविजित आनंद प्रबन्ध सम्पादक और चन्द्र शेखर सिंह ब्यूरो हेड प्रगति यात्रा मासिक समाचार पत्र लखनऊ 

Comments

Popular posts from this blog

अब नोएडा में भी मेहमानों की लिस्ट हुई छोटी

अर्नब गोस्वामी को अंतरिम जमानत

पटाखों पर प्रतिबंध से निराश व्यापारियों की गुहार