कृषि आयोग के गठन पर सहमति, UP के किसान चिल्ला बॉर्डर से हटे
यूपी के किसानों का आंदोलन खत्म, दिल्ली-नोएडा बॉर्डर खुला
कृषि आयोग बनाने का फैसला
नोएडा। किसानों और सरकार के बीच कृषि आयोग के गठन को लेकर सहमति बन गई है। इसके बाद कृषि कानून के विरोध में चल रहा यूपी के किसानों का आंदोलन खत्म होने की सूचना है। यूपी के किसानों ने नोएडा के सेक्टर-14ए चिल्ला बॉर्डर खाली कर दिया है। यह बॉर्डर 12 दिन बाद खुला है। नोएडा से दिल्ली के बीच आवागमन शुरू हो गया है। जनता की परेशानी को देखते हुए किसानों ने बॉर्डर से हटने का फैसला लिया है, जबकि अन्य किसान संगठन अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं।
अधिकारियों के अनुसार एक दिसंबर से अवरूद्ध नोएडा को दिल्ली से जोड़ने वाले एक मुख्य मार्ग को शनिवार देर रात मंत्री राजनाथ सिंह के आश्वासन के बाद फिर से खोल दिया गया है।
नोएडा के उप पुलिस आयुक्त (डीसीपी) राजेश एस ने देर रात बताया कि किसान प्रदर्शन स्थल को खाली करने के लिए राजी हो गए और सड़क पूरी तरह से फिर से खुल गई है। कुछ प्रदर्शनकारी वहां अभी भी हैं, लेकिन वे जल्द ही इसे खाली कर देंगे। वहीं, भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आश्वासन के बाद हम लोगों ने चिल्ला बॉर्डर पर चल रहे धरने को समाप्त करने का निर्णय लिया है। धरना स्थल पर अखंड रामायण का पाठ हो रहा है और रविवार को समापन के बाद पूरे मार्ग को खोल दिया जाएगा।
राजनाथ सिंह से की थी मुलाकात
इससे पहले चिल्ला बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसानों ने शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की थी। मुलाकात के लिए किसानों की पांच सदस्यीय टीम रक्षा मंत्री के आवास पर गई थी।
किसानों की तरफ से रक्षा मंत्री के सामने 18 सूत्रीय मांगों को रखा गया था। मुख्य मांग यह थी कि किसान आयोग का गठन किया जाए। इस दौरान दोनों पक्षों में बनी सहमति के बाद बॉर्डर को ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया।
किसानों की सहमति मिलने के बाद देर रात बॉर्डर पर लगे बैरिकेड हटाए गए, जिसके बाद दिल्ली जाने के लिए वाहन चालकों ने इस मार्ग का प्रयोग शुरू कर दिया। चिल्ला बॉर्डर बंद रहने के कारण दिल्ली जाने के लिए वाहन चालकों को डीएनडी और कालिंदी कुंज होकर जाना पड़ रहा था। ऐसे में लोगों को परेशानी हो रही थी।
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