नए संसद भवन का शिलान्यास आज करेंगे पीएम मोदी
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी आज गुरुवार 10 दिसंबर, 2020 को नई दिल्ली के संसद मार्ग में नए संसद भवन का शिलान्यास करेंगे । "नई इमारत आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण का एक आंतरिक हिस्सा है और निर्माण के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा। प्रधान मंत्री कार्यालय ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा, 'आजादी के बाद पहली बार संसद, 2022 में आजादी की 75वीं वर्षगांठ में' न्यू इंडिया 'की जरूरतों और आकांक्षाओं से मेल खाएगी।'
तीन गुना अधिक बड़ी होगी नई इमारत
नया संसद भवन आधुनिक, अत्याधुनिक और ऊर्जा कुशल होगा, जिसमें वर्तमान संसद से सटे त्रिकोणीय आकार की इमारत के रूप में अत्यधिक गैर-सुरक्षात्मक सुरक्षा सुविधाएं बनाई जाएंगी। लोकसभा मौजूदा आकार का 3 गुना होगी और राज्यसभा पर्याप्त रूप से बड़ी होगी।
बेहतरीन होगा डिजाइन
PMO के अनुसार "नई इमारत के अंदरूनी हिस्से भारतीय संस्कृति और हमारी क्षेत्रीय कला, शिल्प, वस्त्र और वास्तुकला की विविधता का एक समृद्ध मिश्रण प्रदर्शित करेंगे। डिजाइन योजना में एक शानदार केंद्रीय संवैधानिक गैलरी के लिए स्थान शामिल है, जो जनता के लिए सुलभ होगा,"।
नए संसद भवन के निर्माण में संसाधन कुशल हरित प्रौद्योगिकी का उपयोग होगा, पर्यावरण के अनुकूल प्रथाओं को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और आर्थिक पुनरोद्धार की दिशा में योगदान होगा। इसमें उच्च गुणवत्ता वाले ध्वनिकी और श्रव्य-दृश्य सुविधाएं, बेहतर और आरामदायक बैठने की व्यवस्था, प्रभावी और समावेशी आपातकालीन निकासी प्रावधान होंगे।इमारत उच्चतम संरचनात्मक सुरक्षा मानकों का पालन करेगी, जिसमें भूकंपीय क्षेत्र 5 आवश्यकताओं का पालन करना शामिल है और इसे रखरखाव और संचालन में आसानी के लिए डिज़ाइन किया गया है।
वर्तमान भवन होगा देश की पुरातात्त्विक संपत्ति के तौर पर संरक्षित
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी को इस कार्यक्रम का औपचारिक निमंत्रण दिया था। नियमों के मुताबिक, लोकसभा का अध्यक्ष संसद भवन का संरक्षक भी होता है। उन्होंने बताया कि संसद के वर्तमान भवन को देश की पुरातात्त्विक संपत्ति के तौर पर संरक्षित रखा जाएगा। नए भवन के निर्माण की आधारशिला संबंधी कार्यक्रम के लिए सभी राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया जाएगा। कुछ लोग मौके पर मौजूद होंगे तथा अन्य लोग डिजिटल माध्यम शामिल होंगे। समारोह में वेंकटेश जोशी, संसदीय कार्य मंत्री, हरदीप एस पुरी, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), आवास और शहरी मामले, हरिवंश नारायण सिंह, उपसभापति के अलावा 200 गणमान्य व्यक्ति, जिनमें केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री, संसद सदस्य, सचिव राजदूत / उच्चायुक्त शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में कोरोना वायरस से संबंधित सभी दिशा निर्देशों का पालन होगा।
भविष्य को लेकर हो रहा निर्माण
इस भवन के लोकसभा कक्ष में 888 सदस्यों के बैठने की क्षमता होगी, जबकि राज्यसभा कक्ष में 384 सदस्य बैठ सकेंगे। यह भविष्य में दोनों सदनों के सदस्यों की संख्या में बढ़ोतरी किए जाने की संभावना को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। मौजूदा में समय में लोकसभा के 543 और राज्यसभा के 245 सदस्य हैं। यह नया भवन सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत है और इसे वर्तमान संसद भवन के नजदीक बनाया जाएगा।
इसके निर्माण में 2000 लोग सीधे तौर पर शामिल होंगे तथा 9000 लोगों की परोक्ष भागीदारी होगी।
कार्यालय होंगे आधुनिक डिजिटल सुविधाओं से लैस
नए भवन के निर्माण के दौरान वायु एवं ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त उपाय किए गए हैं। नए संसद भवन में सभी सांसदों के लिए अलग कार्यालय होंगे जो आधुनिक डिजिटल सुविधाओं से युक्त होंगे तथा यह ‘कागज रहित कार्यालय' बनाने की दिशा में कदम होगा. नए संसद भवन में एक विशाल संविधान कक्ष होगा, जिसमें भारत की लोकतांत्रिक धरोहर को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही सांसदों के लिए एक लॉन्ज होगा। उनके लिए पुस्तकालय, विभिन्न समितियों के कक्ष, भोजन कक्ष और पार्किंग क्षेत्र होगा।
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