अभी अर्नब, कल नंबर है तुम्हारा!

अभी अर्नब, कल नंबर तुम्हारा है! 

पत्रकारिता में जरूरत नहीं है कायरों और दलालों की 

रविवार 08 नवंबर 2020 

लखनऊ। अर्नब गोस्वामी जैसे वरिष्ठ पत्रकार के साथ हालिया पुलिस कार्रवाई सीधे तौर पर साबित कर रही है कि महाराष्ट्र सरकार को संविधान की मर्यादा का कोई भान नहीं है। नियम कानून ताक पर रख कर वहां जो चल रहा है किसी से छिपा भी नहीं रह गया है। महीनों से किसी न किसी तरह उन्हें परेशान करने के बावजूद न डिगा सके, न हिला सके, आज के हिटलर! ऐसे में राहत इंदौरी साहब की ये पंक्तियां काबिले गौर हैं-

"राह में खतरे भी हैं लेकिन ठहरता कौन है.
मौत कल आती है आज आ जाए डरता कौन है.
तेरे लश्कर के मुक़ाबिल में अकेला हूँ मगर 
फैसला मैदान में होगा के मरता कौन है....

यह भी तय है कि शेर आकर फिर से दहाड़ेगा, इस समय चुप रहने वाले पत्रकार समझ लें, कि अगला नंबर तुम्हारा है। 

महाराष्ट्र सरकार ने दिखा दिया आईना 
एक रास्ता दिखा दिया है महाराष्ट्र सरकार ने, जुट जाओ नेताओं और अधिकारियों की जी हुजूरी मे, नहीं तो अंजाम अर्नब के रूप में सामने है। इसे आईना ही समझना बेहतर होगा। 

पत्रकारिता में जरूरत है दिलेरों की 
एक बात और है कि पत्रकारिता में कायरों और दलालों की जरूरत नहीं है और होनी भी नहीं चाहिए। कानूनन ऐसा नियम होना चाहिए कि योग्य और पढ़े लिखे व्यक्ति ही इस क्षेत्र में आ सकें। इसलिए भी कि संविधान में प्रदत्त लोकतंत्र के चारों स्तंभों की स्वतंत्रता को बरकरार रखा जाए। 

नेता भी बनाते हैं आप ही! 
दूसरी एक और बात पर भी लोगों और खासतौर पर पत्रकारों को गौर करना होगा कि कोई नेता बना कैसे? आपने, जी हां आपने ही एक-एक गली मुहल्ले में घूमते व्यक्ति को अपनी ख़बरों में हाइलाइट किया। वो वहां से निकल कर जिले तक पहुंचा फिर मंडल, प्रदेश और फिर देश तक भी पहुंच सकता है। कल वो, जो आपसे सुलभता से मिल सकता था, आप उस से मिलना चाहो तो लग जाओ लाइन में। इसके विपरीत कुछ लोगों को बपौती के रूप में भी बहुत कुछ हासिल हो जाता है। ऐसा ही कुछ हुआ उद्धव ठाकरे के मामले में! अपने पिता की विरासत संभाल कर गरीबों, वंचितों की सेवा को जीवन उद्देश्य बनाने के विपरीत वह सत्ता सुख भोगते हुए वो तानाशाही में हिटलर और मुसोलिनी को भी पीछे छोड़ने में तत्पर हैं। वह यह भूल बैठे कि सहयोगी कांग्रेस एक पेड़ है बरगद का, जिसकी छत्रछाया में कोई भी पौधा पनप नहीं सकता। 
-संजय सक्सेना 
(अध्यक्ष ऑल मीडिया & जर्नलिस्ट एसोसिएशन, पूर्व महामंत्री श्रमजीवी पत्रकार यूनियन/क्राइम रिपोर्टर/प्रभारी दैनिक जागरण बिजनौर मंडल मुरादाबाद। मोबाइल नं. 8273928100) 

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