वन कर्मियों ने बेच डाले कीमती सागौन के 45 लट्ठे

पराकाष्ठा भ्रष्टाचार की! 

कीमती सागौन के 45 लट्ठे वन कर्मियों ने बेच डाले 

शिकायत हुई तो चोरी कर जमा करा दी दूसरे पेड़ की लकड़ी 

सवालों के घेरे में वन प्रभाग नजीबाबाद के सचल दल 

बिजनौर। जंगल से बरामद कीमती सागौन की लकड़ी के 45 लट्ठों को वन प्रभाग नजीबाबाद के सचल दल ने बेच दिया। शिकायत हुई, फिर जांच। मामला सत्य पाया गया तो जंगल से ही दूसरे पेड़ काट कर उसकी लकड़ी कार्यालय में जमा करा दी गई। मामला अब मुख्य वन संरक्षक रुहेलखंड बरेली के दरबार में पहुंच गया है।  
दो साल पुरानी करतूत 
वन विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि 24 दिसंबर 2018 को बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद के सचल दल द्वारा रेंज के पार्ट संख्या 24 से सागौन की लकड़ी के 25 नग लट्ठे व 27 दिसंबर 2018 को रेंज के पार्ट संख्या 25 से सागौन की लकड़ी के 20 नग लट्ठे बरामद किए गए। नियमानुसार बरामद कुल 45 नग लट्ठे कार्यालय में जमा कराए जाने थे। आरोप है कि ऐसा नहीं करने का मामला प्रकाश में आने पर वन क्षेत्राधिकारी से जांच कराई गई। 

तीन महीने पहले फिर चालबाजी 
जांच रिपोर्ट पर प्रभागीय वन अधिकारी वन प्रभाग नजीबाबाद द्वारा 07 जुलाई 2020 को सभी लकड़ी (प्रकाष्ठ) रेंज कार्यालय में जमा कराने तथा विभागीय अभिलेख में दर्ज करने का आदेश दिया गया। 
आरोप है कि मामले में संलिप्त कर्मचारियों ने बरामद लकड़ी को खुर्द खुर्द कर दिया और उसके स्थान पर संभवत जंगल में ही अन्य राजकीय वृक्षों को काटकर उसकी प्रकाष्ठ वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय में जमा कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बरामद व कार्यालय में जमा लकड़ी भिन्न प्रतीत हो रही है। 
मुख्य वन संरक्षक रुहेलखंड बरेली को लिखे शिकायती पत्र में रेंज केस में बरामद प्रकाष्ठ गायब करने एवं वन से चोरी करवा कर अन्य प्रकाष्ट जमा करने का हवाला दिया गया है। शिकायत कर्ता ने प्रकरण की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई मांग की है।
इस संबंध में डीएफओ नजीबाबाद मनोज कुमार शुक्ला ने जांच करा कर आवश्यक कार्रवाई करने का दावा किया है।  
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