SBI की ग्राहकों को 2 साल तक लोन मोराटोरियम सुविधा


SBI Loan Moratorium 

ग्राहकों को 2 साल तक लोन मोराटोरियम की सुविधा 

नहीं चुकानी होगी EMI, अप्लाई का तरीका

देश का सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक अपने ग्राहकों के लिये लोन मोरेटोरियम फैसिलिटी लेकर आया है। इसके तहत लोन लेने वाले ग्राहक दो साल तक के लिए इसका लाभ उठा सकते हैं।
रिजर्व बैंक के निर्देशों के अनुसार SBI Loan Moratorium Policy लाया है। यह सुविधा लेने वाले ग्राहकों को सिर्फ ब्याज का भुगतान करना होगा। ग्राहक अपने होम लोन, रिटेल लोन, ऑटो लोन, पर्सनल लोन व एजुकेशन लोन आदि को रिचस्ट्रक्चर करवा सकते हैं। लोन रिचस्ट्रक्चर के लिए एसबीआई ने नया पोर्टल शुरू किया है। 

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने कोरोना संकट के बीच आमदनी घटने की समस्या से जूझ रहे अपने रिटेल लोन (Retail Loan) ग्राहकों के लिए आरबीआई (RBI) की ओर से मंजूर की गयी लोन रिस्ट्रक्चरिंग स्कीम (Loan-restructuring Scheme) के तहत 2 साल तक के लिए मोरेटोरियम सुविधा की पेशकश की है। इसके तहत बैंक अपने होम, एजुकेशन, ऑटो और पर्सनल लोन ग्राहकों को ये सुविधा उपलब्ध करा रहा है। इसके लिए ग्राहक 24 दिसंबर 2020 तक आवेदन कर सकता है। 

मोरेटोरियम पीरियड में केवल ब्याज का करना होगा भुगतान
स्टेट बैंक के अनुसार दो साल की लोन मोरेटोरियम सुविधा लेने वाले ग्राहकों को सिर्फ ब्याज का भुगतान करना होगा। इसके अलावा बैंक इस स्कीम के तहत ग्राहकों से अतिरिक्त 0.35 फीसदी सालाना अतिरिक्त ब्याज भी लेगा। इस फैसिलिटी का लाभ उन्हीं ग्राहकों को मिलेगा, जिनका लोन अकाउंट स्टैंडर्ड श्रेणी में आता है, यानि कि इसमें वही ग्राहक आएंगे, जिन्होंने लोन पेमेंट में 1 मार्च 2020 तक 30 दिन या इससे ज्यादा का डिफॉल्ट नहीं किया होगा और जिनकी आय पर कोरोना संकट का असर पड़ा है, वही इस फैसिलिटी का लाभ ले पाएंगे। 

ऐसे ग्राहकों की आय मानी जायेगी कोरोना से प्रभावित
एसबीआई के तरफ से बताया गया कि ग्राहक को कोरोना वायरस के कारण आय पर पड़े असर के लिए डॉक्युमेंट्स उपलब्ध कराने होंगे तभी उन्हें कोरोना से प्रभावित माना जाएगा यानि कि ऐसे ग्राहक जिनकी आय फरवरी 2020 के मुकाबले अगस्त में कम हुई या ऐसे लोग जिनकि लॉकडाउन के दौरान सैलरी रोकी गई है या काटी गई है तो ग्राहक इस मोरेटोरियम फैसिलिटी के लिए अप्लाई कर सकता है। 
इसके अलावा लॉकडाउन के दौरान कारोबार ठप होने पर यूनिट की कारोबारी गतिविधियों में कमी आने, दुकान या प्रतिष्ठान में काम घट जाने की स्थिति में भी एसबीआई ग्राहक को इस सुविधा का फायदा मिलेगा। 

इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत
ग्राहक को लोन लेने के लिए फरवरी 2020 और लेटेस्ट सैलरी स्लिप अपलोड करनी होगी। मोरेटोरियम अवधि खत्म होने के बाद अनुमानित सैलरी या कारोबार से होने वाली संभावित आय का घोषणापत्र देना होगा। 
नौकरी जाने की स्थिति में रिलीबिंग लैटर की जरूरत होगी साथ ही सैलरी अकाउंट का स्टेटमेंट भी देना होगा। 
कारोबार बंद होने की स्थिति में फरवरी 2020 से लेकर लोन रिस्ट्रक्चरिंग के लिए अप्लाई करने से 15 दिन पहले तक का ऑपरेटिंग अकाउंट का स्टेटमेंट देना होगा। 
एसबीआई की इस सुविधा का फायदा लेने के लिए कारोबारियों को अपने बिजनेस के कोरोना वायरस से प्रभावित होने का डिक्लेयरेशन देना होगा। 

कैसे करें आवेदन
आवेदक को एसबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉग-इन करने के बाद रिटेल कस्टमर को अकाउंट नंबर डालनी होगी और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भी भरना होगा। इसके बाद आवेदक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मिले ओटीपी से वैलिडेशन पूरा करना होगा। फिर जरूरी जानकारियां दर्ज करने के बाद ग्राहक को लोन रिस्ट्रक्चरिंग को लेकर अपनी पात्रता का पता चल सकेगा और इसके लिये आपको एक रेफरेंस नंबर भी मिलेगा। 
रेफरेंस नंबर 30 दिन तक मान्य रहेगा साथ ही इस दौरान ग्राहक जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए बैंक की शाखा जा सकता है। लोन रिस्ट्रक्चरिंग की प्रक्रिया डॉक्युमेंट्स के वेरिफिकेशन और ब्रांच में डॉक्युमेंट के एग्जीक्यूशन के बाद पूरी होगी। ग्राहक चाहें तो बैंक की नजदीकी शाखा जाकर भी लोन रिस्ट्रक्चरिंग के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
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