PUBG बैन: भारत में Parents को बड़ी राहत


केंद्र ने कुल 118 Apps पर लगाया प्रतिबंध 

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला करते हुए पबजी समेत 118 मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया है। मंत्रालय ने कई शिकायतें मिलने के बाद बैन लगाने का यह फैसला लिया है। PUBG को कई बार आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है और इसे बैन करने को लेकर भी कई बार मांग उठाई जा चुकी है। इसके दुष्प्रभावों को लेकर समय समय पर बच्चों के माता-पिता द्वारा कई तरह की शिकायतें भी खबरों में आती रहती हैं। इनमें खासकर युवाओं पर इस गेम का बुरा प्रभाव पड़ने की बात सामने आ चुकी है। अब केंद्र सरकार के किए गए फैसले के बाद बच्चों के परिजनों में खुशी है तो वहीं इस गेम को खेलने वाले युवाओं में निराशा। 

आईटी एक्ट की धारा 69-ए 
ऐप्स को बैन किए जाने की जानकारी देते हुए आईटी मंत्रालय ने कहा, 'सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69 ए के तहत इस फैसले को लागू किया है। ये सभी 118 मोबाइल ऐप्स विभिन्न प्रकार के खतरे उत्पन्न कर रही थीं, जिसके चलते इन्हें ब्लॉक किया गया है।' मंत्रालय ने आगे कहा उपलब्ध जानकारी के मद्देनजर ये ऐप्स ऐसी गतिविधियों में लगे हुए हैं, जो भारत की संप्रभुता और अखंडता, सुरक्षा के लिए नुकसानदायक है।
इन एप्लीकेशन पर लगा प्रतिबंध
प्रतिबंधित एप्स की इस लिस्ट में कई लोकप्रिय एप्लीकेशन शामिल हैं। इनमें लोकप्रिय गेम पबजी मोबाइल, पबजी मोबाइल लाइट, बायडू, सुपर क्लीन, शायोमी का शेयरसेव, वीचैट वर्क, साइबर हंटर और इसका लाइट वर्जन, गेम ऑफ सुल्तान्स, गो एसएमएस प्रो, मार्वेल सुपर वार, लूडो वर्ल्ड-लूडो सुपरस्टार, राइज ऑफ किंगडम्स, गैलरी वॉल्ट, स्मार्ट एपलॉक (एप प्रोटेक्ट), डुअल स्पेस, क्लीनर-फोन बूस्टर, लैमोर, सिना न्यूज और टेंसेंट वाचलिस्ट आदि शामिल हैं।
बता दें, चीन के मोबाइल एप्स पर भारत की यह तीसरी डिजिटल स्ट्राइक है। इससे पहले जून के अंत में भारत ने टिकटॉक समेत चीन के 47 एप्स पर प्रतिबंध लगाया था और उसके बाद जुलाई अंत में 59 चीनी एप्स प्रतिबंधित किए थे। सरकार ने इस फैसले के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दिया है। 

बैन Apps की पूरी लिस्ट- 

Comments

Popular posts from this blog

अब नोएडा में भी मेहमानों की लिस्ट हुई छोटी

अर्नब गोस्वामी को अंतरिम जमानत

पटाखों पर प्रतिबंध से निराश व्यापारियों की गुहार