सितारगंज जेल में कोरोना का कहर



73 कैदियों समेत 74 की रिपोर्ट पॉजिटिव 

संक्रमितों को आनंदा होटल में आइसोलेट करने की तैयारी 

जेल प्रशासन में हड़कंप 
ऊधमसिंह नगर। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को ऊधमसिंह नगर जिले के सितारगंज सेंट्रल जेल में 73 कैदी और
एक बंदी रक्षक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जेल प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा संक्रमितों को आइसोलेट करने की तैयारी कर रहा है। 
मिली जानकारी के अनुसार उन्हें रुद्रपुर-
काशीपुर रोड पर स्थित आंनंदा होटल में
आइसोलेट करने के लिए रोडवेज की तीन बसों को मंगाया गया है। हालांकि कैदियों का मामला होने के कारण प्रशासन इस बात लेकर मंथन कर रहा है उन्हें कहां आइसोलेट किया जाए, जिससे सुरक्षा में कोई चूक न हो।
संक्रमितों के मिलने के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। सितारगंज जेल में पहले भी बड़ी संख्या में कैदी पॉजिटिव मिल चुके हैं। 15 दिन पहले स्वास्थ्य महकमे ने टीम को भेजकर कैदियों के सैंपल लिए थे। तब सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। तीन दिन पहले कैदियों में वायरल की समस्या और कोरोना के लक्षण दिखने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुन: पहुंचकर सैंपल लिए। आज आई रिपोर्ट में 73 कैदी और एक बंदी रक्षक पॉजिटिव मिला है। 

सितारगंज सीएचसी के सीएमएस राजेश आर्य ने बताया कि पॉजिटिव मिले सभी केस नए हैं। इनमें पूर्व में कोई संक्रमित नहीं हुआ है। वहीं जेल अधीक्षक दधिराम मौर्या का कहना है कि सभी कैदियों को कहां आइसोलेट किया जाए, इस पर प्रशासन मंथन कर रहा है। फौरी तौर पर रुद्रपुर-काशीपुर रोड पर स्थित आंनंदा होटल का चयन किया गया है।
सभी कैदियों के लिए जाएंगे सैंपल
एक साथ बड़ी संख्या में कैदियों के पॉजिटिव मिलने के बाद जेल प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा सभी कैदियों का कोरोना टेस्ट कराने की तैयारी कर रहा है। जल्द ही
स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजकर कैदियों को सैंपल लिए जाएंगे। जानकारी के
मुताबिक जेल में कोरोना संक्रमितों की
संख्या बढ़ सकती है।
क्षमता से अधिक बंद है जेल में कैदी
सितारगंज जेल में क्षमता से अधिक कैदी हैं। जेल की कुल क्षमता 592 कैदियों के लिए है, जबकि रखे गए हैं साढ़े सात सौ अधिक । हर बैरक में करीब 15 से 20 कैदी रखे गए हैं। क्षमता से अधिक कैदियों का होना भी जेल में संक्रमण का बड़ा कारण बना है। जेल के भीतर कैदियों के स्वास्थ्य का जिम्मा एक फॉर्मासिस्ट पर हैं। 

उम्रदराज कैदियाें के इलाज की चुनौती
संक्रमित मिले कैदियों में कई ऐसे हैं जिनकी
उम्र साठ से अधिक है। ये कैदी पहले से भी कई बीमारियों से ग्रस्त हैं। इनके इलाज का
समुचित प्रबंध करना भी स्वास्थ्य महकमे के
लिए चुनौती है। वहीं गंभीर अपराधों में सजा काट रहे कैदियों पर नजर रखने के लिए भी सुरक्षा चाक चौबंद करनी होनी चाहिए। 
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