Unlock-4 की गाइडलाइन जारी

Unlock 4 के लिए Guidelines जारी 

7 सितंबर से चलेगी मेट्रो 

स्कूल-कॉलेज 30 सितंबर तक बंद 

नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने कोरोना महामारी के कारण देश भर में विभिन्न चरणों में लागू की गई पूर्णबंदी को समाप्त करने के लिए अनलॉक 4 से संबंधित दिशा निर्देश जारी किए हैं। 

कोरोना महामारी के कारण करीब पांच महीने से बंद मेट्रो सात सितम्बर से एक बार फिर पटरी पर दौड़ने लगेगी। स्कूल, कॉलेज, अन्य शिक्षण तथा कोचिंग संस्थान 30 सितम्बर तक बंद ही रहेंगे। 
इन दिशा निर्देशों में दिल्ली मेट्रो को विभिन्न शर्तों तथा प्रोटोकाल के साथ 7 सितम्बर से श्रेणीबद्ध तरीके से चलाने की अनुमति दी गई है। ये प्रोटोकाल और नियम तथा शर्तें आवास और शहरी कार्य मंत्रालय, रेल मंत्रालय तथा केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय आपस में सलाह कर तय करेंगे। स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण तथा कोचिंग संस्थानों को राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के साथ सलाह के आधार पर 30 सितम्बर तक बंद ही रखने का निर्णय लिया गया है। नए दिशा निर्देशों में 21 सितम्बर से सामाजिक, शैक्षणिक , खेल, सांस्कृतिक, धार्मिक व राजनीतिक आयोजनों की अनुमति दी गयी है, लेकिन इनमें केवल 100 लोग शामिल हो सकेंगे। 

अनलॉक-4 में और क्या? 
मेट्रो सेवाओं को चलाने के लिए तीनों मंत्रालय मिलकर मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करेंगे। आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय प्रक्रिया को जारी करेगा। दिल्ली मेट्रो नये दिशा निर्देशों के अनुसार सात सितम्बर से मेट्रो सेवा शुरू करने के लिए तैयार है। इस संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया का इंतजार कर रही है। गृह मंत्रालय द्वारा आज जारी किये गये दिशा निर्देश एक सितम्बर से लागू होंगे। ये सभी दिशा निर्देश राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों, संबंधित मंत्रालयों और विभागों की सलाह से तैयार किये गये हैं। दिशा निर्देशों में कहा गया है कि कोरोना महामारी के चलते कंटेनमेंट घोषित किये गये क्षेत्रों में पूर्णबंदी के प्रावधानों को सख्ती से लागू किया जायेगा। नये दिशा निर्देशों में ओपन एयर थियेटरों को 21 सितम्बर से खोलने की अनुमति दी गयी है। 

शिक्षण संस्थानों के लिए भी 
केन्द्र ने शिक्षण संस्थानों के बारे में राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के साथ व्यापक विचार विमर्श किया है। इसके बाद स्कूल, कालेजों व अन्य शिक्षण तथा कोचिंग संस्थानों को आगामी 30 सितम्बर तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान छात्र स्कूल नहीं आयेंगे और नियमित कक्षा नहीं होंगी। ऑललाइन और दूरस्थ शिक्षा पहले की तरह जारी रहेंगी और इन्हें बढावा दिया जायेगा।
इन दिशा निर्देशों में शिक्षण संस्थानों के बारे में कुछ छूट भी दी गयी है, जो 21 सितम्बर से लागू होगी और इसके लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य और कल्याण मंत्रालय अलग से मानक संचालन प्रक्रिया जारी करेगा। इसके तहत राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश 50 प्रतिशत अध्यापकों को ऑनलाइन कक्षा और इससे संबंधित कार्यों के लिए स्कूल बुला सकेंगे। साथ ही कंटेनेमेंट जोन के बाहर 9 से 12 वीं के छात्रो को स्वैच्छिक आधार पर मार्गदर्शन के लिए स्कूल आने की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए अभिभावक को लिखित में सहमति पत्र देना होगा।
राज्य अपने तरफ से नही लगा पाएंगे लॉकडाउन, गृह मंत्रालय से लेनी होगी मंज़ूरी। 

केंद्र की गाइडलाइन के अनुसार, स्कूल कॉलेज अभी भी बंद रहेंगे, लेकिन नवी कक्षा से बड़े बच्चे 21 सितम्बर के बाद से स्कूल जा सकेंगे और साथ ही स्टाफ को भी आना होगा। स्कूल में सोशल डिस्टेंस का सख्ती से पालन करना होगा।
साथ ही 7 सितम्बर से चलेगी मेट्रो ट्रैन, मगर शर्तें रहेंगी लागू। सिनेमा हॉल व स्विमिंग पूल अभी भी रहेंगे बंद। धार्मिक आयोजनों को मिलेगी मंज़ूरी। 21 सितम्बर के बाद से हो सकेगी राजनीतिक रैली भी लेकिन 100 से ज़्यादा व्यक्तियों की भीड़ नहीं रह सकेगी। कन्टेनमेंट जोन में पहले की तरह ही पाबंदियां लागू रहेंगी। साथ ही कोई राज्य अपने तरफ से लॉकडाउन का निर्णय नहीं ले सकेगा, गृह मंत्रालय से लेनी होगी मंज़ूरी। उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कुछ राज्य अलग अलग लॉकडाउन लगा रहे हैं। जैसी यूपी में साप्ताहिक लॉकडाउन है, अब इनके लिए केंद्र से मंज़ूरी लेनी होगी।
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