अफवाह: एक बार फिर कम्प्लीट लाकडाउन की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश!
यूपी में एक बार फिर से हो सकता है कम्प्लीट लाकडाउन!
खबरों को सरकार ने बताया अफवाह
लखनऊ। (26 अगस्त 2020)
उत्तर प्रदेश में बुधवार सुबह से ही एक संदेश सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा था, जिसे दोपहर बाद तक सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया।
हाईकोर्ट द्वारा लॉकडाउन का सुझाव देने के आदेश का हवाले देते हुए सोशल मीडिया में कम्प्लीट लॉकडाउन को लेकर खबरें चल रही थी। इसको लेकर सरकार ने स्पष्टीकरण जारी कर दिया है। उत्तर प्रदेश में कम्प्लीट लॉकडाउन लगाने की खबरों को यूपी सरकार ने अफवाह और झूठा करार दिया है।
बता दें कि प्रदेश के कुछ जिलों में कोरोना के बढ़ते मामलों पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है और जिन जिलों में तेजी से संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं वहां पर कंपलीट लॉकडाउन का सुझाव भी दिया है। इसे लेकर कई तरह की खबरें चल रही थीं, जिस पर सरकार ने सफाई पेश कर दी है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश में फिर से कम्प्लीट लॉकडाउन लगाने की झूठी रिपोर्टों को प्रसारित किया जा रहा है। इसे नजरअंदाज करें।
गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों में इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक आदेश का हवाला दिया जा रहा है, जिसमें कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर नाराजगी जताई है। हाई कोर्ट ने यूपी सरकार को कम्प्लीट लॉकडाउन का सुझाव दिया है।
प्रसारित संदेश था....
- सूबे में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जताई गहरी नाराज़गी
- हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को कम्प्लीट लाकडाउन का दिया सुझाव
- हाईकोर्ट की टिप्पणी, कम्पलीट लाकडाउन के बिना नहीं रोका जा सकता कोरोना का संक्रमण
- अदालत ने कहा, न तो सरकारी अमला सख्ती दिखाकर बेवजह लोगों को बाहर निकलने से रोक पा रहा है और न ही लोग मान रहे हैं
- हाईकोर्ट ने कहा, कम्प्लीट लाकडाउन कर लोगों को घरों में रहने को मजबूर किया जाना ही बेहतर
- अगर सरकार फैसला नहीं लेती तो कोर्ट खुद भी जारी कर सकती है कोई आदेश
- अदालत की तल्ख़ टिप्पणी, ब्रेड बटर खाने से ज़्यादा ज़रूरी है जीवन को बचाना
- हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने यूपी के चीफ सेक्रेट्री से तीन दिनों में हलफनामा देने को कहा
- अदालत ने चीफ सेक्रेट्री से कोरोना की रोकथाम का रोडमैप और एक्शन प्लान पेश करने को कहा
- अदालत का चीफ सेक्रेट्री से सवाल, अनलॉक में अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के इंतजाम लेकिन कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के कोई इंतजाम हैं या नहीं
- अगर संक्रमण रोकने के भी नियम बने थे तो उसका कड़ाई से पालन न करा सकने वाले अफसरों के खिलाफ क्या कार्रवाई हो रही है
- अदालत ने चीफ सेक्रेट्ररी से 28 अगस्त को हलफनामा पेश करने को कहा
- अदालत ने सात बड़े शहरों लखनऊ - कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, बरेली, गोरखपुर व झांसी में कोरोना के बढ़ते मामलों पर जताई सख्त नाराज़गी
- प्रयागराज के सरकारी अस्पताल में मौतों की बढ़ती संख्या पर अदालत ने ज़िम्मेदार लोगों को लगाई फटकार
- अदालत की टिप्पणी, लोगों को भीड़ लगाने से रोकने में नाकाम रहा है सरकारी अमला।
-----
Comments
Post a Comment