विकास के लिये UP से MP तक बिछा रहा रेड कारपेट!
....ताकि जिंदा रहे विकास!
UP से MP तक बिछा रहा रेड कारपेट
हिट कराने की जल्दी में लिखी कमजोर फिल्मी पटकथा!
उज्जैन पुलिस ने UP के कुख्यात ईनामी अपराधी विकास दुबे को गिरफ्तार कर लिया! वो भी महाकाल मंदिर से, दिनदहाड़े। यह बात हकीकत कम और चुटकुला ज्यादा लगती है। पब्लिक के बीच सरेआम चिल्लाने लगना, मैं हूं विकास दुबे, कानपुर वाला! और पुलिस ने भी उसे आसानी से पकड़ लिया। यानि कि हिट कराने की जल्दी में बेहद ही कमजोर पटकथा लिख दी गई।
...और यदि MP पुलिस ने वाकई पकड़ा है तो जबरदस्त प्लानिंग से। ये बात आम व्यक्ति भी समझ सकता है कि UP पुलिस उसे जिंदा पकड़ती ही नहीं। एक सोची समझी योजना के तहत उसने MP पुलिस से मिलकर आत्मसमर्पण किया, ताकि जिंदा बचा रहे।
अब इसमें दो बातें हो सकती हैं। पहली ये कि यूपी पुलिस में दो धड़े बन गए हों। एक वो हैं, जो नहीं चाहते कि विकास पकड़ा जाए। सोचने वाली बात ये है कि इतना मोस्ट वांटेड, खतरनाक अपराधी, जिससे कई पुलिस, राजनीतिज्ञों आदि जैसे दिग्गजों पर मिले होने के आरोप हों, जिंदा पकड़ा जाएगा ? अभी भी कई पुलिस वाले, नेता ऐसे होंगे, जो सामने नहीं आये होंगे। इसलिए इसका जिंदा पकड़ा जाना खतरे से खाली नहीं। उसके मरने से केस कुंद हो जाएगा। खुलने वाले नाम सामने नहीं आ पाएंगे, जिनके नाम आये हैं, उन्हें बचाने की प्लानिंग कर ली जाएगी।
दूसरे ये भी हो सकता है कि कुछ ऐसे नाम पता लग चुके हों, जिनका करियर समाप्त करने के लिए विकास का जिंदा पकड़ा जाना जरूरी था। ऐसे लोगों में पुलिस वाले भी और राजनेता भी, दोनों ही शामिल हो सकते हैं।
कुल मिलाकर यह समझना कठिन नहीं है कि विकास को मार गिराने के प्रयास में लोग लगे थे, तो उसे बचाने में लगे लोगों की संख्या भी कम नहीं रही होगी।
....और यही कारण रहा कि कानपुर कांड का दुर्दांत आरोपी UP पुलिस और STF के आगे-आगे चलकर फरीदाबाद से कई सौ किलोमीटर दूर उज्जैन पहुंच गया। वहां थाली में परोस कर उसे MP पुलिस के समक्ष परोस दिया गया। यह बात अलग है कि इन दो राज्यों में पड़ने वाले बहुत से जिलों में घुसने और निकलने के रास्ते में बहुत कड़ाई से चेकिंग हो रही थी।
----
सौजन्य से-
Comments
Post a Comment