मुकुट महल के मालिक की गिरफ्तारी के बाद नवीन गुप्ता पर लगे आरोप
मुकुट महल के मालिक की गिरफ्तारी के बाद नवीन गुप्ता पर लगे आरोप पर दोनो पक्ष आमनें-सामने
July 12, 2020 • प्रेमशंकर • मेरठ
मेरठ। बदन सिंह बद्दो प्रकरण में पुलिस ने मुकुट महल के मालिक मुकेश गुप्ता को आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। इसके बाद मुकेश गुप्ता के बड़े भाई नरेश गुप्ता का एक बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद इन आरोपों पर नवीन गुप्ता ने अपना पक्ष रखा।
मुकेश गुप्ता के बड़े भाई नरेश गुप्ता ने बताया.....
पूर्ण तरह से सच्चाई है, पूरी सच्चाई है, एक परसेंट भी डाउट वाली बात नहीं है, दस लाख रूपये यह कहकर लिए थे कि न तो आपका होटल सील होनें दूंगा, न गिरफ्तारी वारंट होने दूंगा और किसी तरह की आपको तकलीफ नहीं होगी, इस बात के उन्होंने दस लाख रूपये लिए। करीब साल भर हो गया है पैसे लिए हुए, जब यह केस हुआ था, और रूपये भी राकेश लोहिया है, जो उनके पड़ोस में रहते है वह मेरे साथ गए थे रूपये लेकर, उन्होंने ही दिलवाए थे साथ में, एसपी सिटी साहब से फिलहाल नहीं मिला मैं, यह पूरी तरह सच है कि पहले तो मना करते रहे कि अधिकारियों तक गया पैसा वापस थोड़े ही आता है, हमने इन पर दबाव बनाया, तब इन्होंने हां करी, इसके बाद हर महिने एक-एक लाख रूपये दिये जो पांच लाख रूपये आए, उसके बाद जब हमनें फिर दबाव बनाया कि यह तो आधे ही रूपये है, तो इसके बाद उन्होंने यह कह के कि वो अब ढाई लाख से उपर नही देगें, तुम चाहो समझौता कर लो, तुम चाहो न करो, उठाके हमने यह कह दिया कि चलो भईया कर लो, हमे ढाई लाख दे दो, उसके बाद इन्होने हमें ढाई लाख रूपये दे दिये, डेढ़ महिने बाद।
संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने बताया..
किसने आरोप लगाया है, देखिये संयुक्त व्यापार संघ का मैं अध्यक्ष हूं निर्वाचित, पिछले 35 सालों से लगातार पदाधिकारी चला आ रहा हूं, यह व्याक्ति हमेशा इसी प्रकार के खराब काम करता रहता है, ये अर्नगल आरोप इसलिए मुझ पर लगा रहा है कि इस प्रकरण में इसकी मदद करने से इसको मना कर दिया, इंकार कर दिया, जब इसनें तीन दिन पहले मुझसे संपर्क किया था कि मेरे भाई को पुलिस ले गई है ब्रहमपुरी पुलिस, मैने कहा कि किसलिए ले गई है, तो बताया कि बद्दो के प्रकरण में, बद्दो फरार हुआ था उसमें मेरे भाई को पुलिस पकड़कर ले गई है, मैने अपने साथी पदाधिकारियों को कन्फर्म करने के लिए ब्रहमपुरी थाने भेजा, वहां से उन्होंने मुझे बताया, दो पदाधिकारियों ने वहां जाकर, कि हां इस प्रकरण में इसके भाई को लाई है, और इसमें हमे बीच में नहीं पड़ना चाहिए, अपने साथियों के कहनें से मैने इससे मना कर दिया कि मैं तुम्हारी कोई मदद नही कर सकता हूं, और जब मदद करने से मना कर दिया तो अब यह अनर्गल आरोप लगा रहें है, अगर इन्होंने पैसा दिया था तो सोलह-सत्रह महिनों से क्यों चुप बैठे थे, यह किसी की भी प्रतिष्ठा और संयुक्त व्यापार संघ जैसे मजबूत संगठन की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास है, और मैं इस प्रयास की निंदा करता हूं, पुलिस है अगर पुलिस इसको जांच करे, निष्पक्ष जांच करे, उन्हें लगता है कि इन्होने खराब काम किया है तो कानून संगत कार्रवाई करें, एसपी सिटी साहब से मेरी कोई बात नहीं हुई, मेंरी क्यों बात होगी उनसे, भई कोई और मामले होगे, बात होती है, किसी व्यापारी का कोई उत्पीड़न होता है तो मेरी बात होती है, लेकिन इससे मेरा क्या लेना-देना, और सत्रह महिने में अब तक कोई बात नहीीं करेगा क्या, भई अधिकारी को तो रोज पुलिस के किसी थाने के बारे में, किसी व्यापारी को रोकने के बारे में अगर थाना, दरोगा नहीं मानता है तो अधिकारी को बताना पड़ता है, वो तो बात होगीं, और मैं तो कहता हूं मेरा नंबर है, मेरे नंबर की काॅल डिटेल निकलवा लेना कि क्या इस विषय के बारे में मेरी कोई बात हुई है, और काॅल डिटेल में चाहेगा पुलिस-प्रशासन निकाल लेगा।
कुल मिलाकर दोनों ही पक्ष एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे है, लेकिन अब सवाल यह उठता है कि इस मामलें में आगे क्या होगा, क्योंकि जिस तरह से मुकुट महल के मालिक का पक्ष संयुक्त व्यापार संघ जैसे सबसे बड़े व्यापार संघ के अध्यक्ष पर आरोप लगा रहा है तो फिर उसमें कितनी सच्चाई है और अगर संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष अपने उपर लगे आरोपों को खारिज कर रहे है तो फिर इसमें कितनी सच्चाई है। यह प्रकरण अभी और बढ़नें के आसार है आगे जाकर इसकी पूरी सच्चाई सामनें आनें की उम्मीद है।
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(साभार, राष्ट्र सेवा)
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