एसटीएफ के हाथ से बच निकला विकास का गनर!

एसटीएफ के हाथ से बच निकला विकास का गनर! 

फतेहपुर पहुंची कानपुर पुलिस 

लगभग डेढ़ घंटे भाऊपुर गांव में रुका था बब्बन 

लखनऊ। कुख्यात अपराधी विकास दुबे का करीबी बब्बन फतेहपुर में एसटीएफ के हाथ से बच निकला। 
बब्बन दुबे की सर्विलांस से लोकेशन पर रविवार की देर रात भाऊपुर गांव को छावनी में तब्दील कर दिया। पुलिस के आने की भनक लगते ही बब्बन दुबे अपने साले व एक रिश्तेदार के साथ भाग निकला। पुलिस शातिर की तलाश में अन्य रिश्तेदारियों में भी छापेमारी में जुटी हुई है।

जानकारी के अनुसार कानपुर एसटीएफ को सर्विलांस से सूचना मिली थी कि विकास दुबे का पड़ोसी बब्बन दुबे ज्यादातर समय उसके साथ अपनी लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक लेकर गनर की तरह चलता था। वह अपने रिश्तेदार जिला फतेहपुर के औंग थाना क्षेत्र के शिवराजपुर गांव निवासी राकेश मिश्रा के यहां ठहरा हुआ है। पुलिस ने कानपुर में रहकर प्राइवेट नौकरी कर जीवन यापन कर रहे राकेश मिश्रा के छोटे भाई राजेश मिश्रा व उसके पुत्र छोटे बउवा को उठा लिया और फोन के माध्यम से राकेश से पता करवाया कि बब्बन दुबे आया है क्या, जब मौजूद होने की पुष्टि हुई तो उसे रोक कर रखने को कहा। इधर घर के किसी सदस्य की सूचना पर वह अपने रिश्ते के साले शिवम व रिश्तेदार अवधेश मिश्रा के साथ भाग निकला। भारी संख्या में पहुंचे पुलिस बल ने गांव को चारों ओर से घेर लिया। पूर्व प्रधान केशव पंडित को मौके पर बुलाया और पूरी जानकारी ली। राकेश मिश्रा को बुलाकर पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बब्बन दुबे के आने की बात स्वीकार की। पुलिस राजेश मिश्रा व बेटे गोलू मिश्रा के साथ साथ छोटे बउवा को हिरासत में लेकर पुछताछ कर रही है।

डेढ़ घंटे तक रुका बब्बन
जिला फतेहपुर के औंग थाना क्षेत्र के भाऊपुर गांव निवासी राकेश मिश्रा ने बताया कि बब्बन दुबे शाम लगभग छह बजे अपने साले शिवम निवासी भौसाना थाना चौबेपुर के साथ आया था। जैसे ही दरवाजे पर आया घर में मौजूद बेटे गोलू मिश्रा ने दरवाजे पर ही चारपाई डालकर बैठने को कहा तो उसने इंकार करते हुए कहा कि नहीं, अंदर चलकर बैठते हैं। बाहर बैठना ठीक नहीं है और जैसे ही अंदर बैठकर चाय पीना शुरू किया तो घर के बच्चों को वहां से हटा दिया और बोला आप लोग दूसरे घर में जाइये। लगभग डेढ़ घंटे तक रुकने के दौरान वह परेशान सा दिखाई दे रहा था। 

रिश्तेदारी में छिपने का था इरादा 
भाऊपुर निवासी राकेश मिश्रा की बब्बन दुबे से  सीधी कोई रिश्तेदारी नहीं है। राकेश की बहन रीता चौबेपुर थाना क्षेत्र के भौसाना गांव में ब्याही है और रीता की बेटी रोली की शादी विकास दुबे के गनर व पड़ोसी बब्बन दुबे के छोटे भाई विनीत दुबे के साथ हुई थी। रोली की मां रीता देवी ने दो दिन पूर्व अपने भाई कानपुर में रह रहे राजेश से फोन करके कहा था कि कुछ दिनों के लिए वह बब्बन को अपने पास छिपा ले, लेकिन उसने अपने पास रखने से साफ इंकार कर दिया था। इसके बाद छोटे भाई की सास रीता ने बब्बन को अपने मायके भाउपुर छिपने के लिए भेजा था। उसे इस बात की जरा सी भी भनक नहीं थी कि पुलिस उसके नम्बर को सर्विलांस से ट्रेस कर उसके मायके तक धावा बोल सकती है। 
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