नहीं रहे जालौन जिले की पत्रकारिता के गौरवशाली स्तम्भ सिराजुल मामू



जालौन जिले की पत्रकारिता के गौरवशाली स्तम्भ सिराजुल मामू नहीं रहे
Sanjay Saxena  

लखनऊ। 90 के दशक में जनपद जालौन की रिपोर्टिंग का नगाड़ा राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर तक बजाने वाले वरिष्ठ पत्रकार सिराजुल हक़ के निधन के साथ यहां पत्रकारिता के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया। मामू के नाम से अपने चहेतों में पुकारे जाने वाले सिराजुल का पार्थिव शरीर स्थानीय कब्रिस्तान मे सुपुर्दे ख़ाक कर दिया गया। 
लखनऊ से प्रकाशित नवजीवन, नेशनल हेराल्ड और कौमी आवाज के जिला संवाददाता के रुप में पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले मामू बाद में लम्बे समय तक पीटीआई के भी संवाददाता रहे। लालकृष्ण आडवाणी की उरई यात्रा को ले कर छपी एक खबर की वजह से भारतीय जनता पार्टी के मुंबई अधिवेशन में तहलका मच गया था। उनकी खबरों की वजह से कई बार भृष्ट अधिकारियों को दण्डित होना पड़ा। उन्होंने अपनी दिलेरी से कई मील के पत्थर गाड़े। जिले में पत्रकारिता की नयी पीढ़ी उनके इतिहास से बहुत कुछ सीख सकती है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी अपने पत्रकारीय दौर में मामू के अभिन्न साथी थे। उन्होंने सिराजुल हक़ के निधन पर गहरा दु:ख जताया और कहा कि उनके परिजनों के प्रति उन्हें ग़हरी संवेदना है। जिले का पूरा पत्रकार जगत सिराजुल हक़ के इंतकाल से गमजदा है।

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