अब पद के बदले मांग रहे दारू की पेटी, ₹ 50 हजार!

अब पद के बदले मांग रहे दारू की पेटी, ₹ 50 हजार! 

-नए विवाद में घिरे बीजेपी नगर अध्यक्ष 

लखनऊ। मुरादाबाद मंडल के जिला बिजनौर की नगर भाजपा इकाई में सब कुछ सही नहीं चल रहा। एक के बाद एक नए मामले उजागर हो कर पार्टी की छवि धूमिल कर रहे हैं। 
अब बिजनौर भाजपा नगर अध्यक्ष बिजनौर संजीव गुप्ता का एक और नया कारनामा उजागर हुआ है। अभी हाल ही में सीएमओ से पैसे खाने का प्रकरण हो या नगर के एक व्हाटस ऐप ग्रुप पर अश्लील फोटो का मामला! समाचार पत्रों की सुर्खियां बने रहे। 
अब इस नए मामले ने भाजपा नगर अध्यक्ष संजीव गुप्ता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं! इस बार पार्टी कार्यकर्ताओं ने सीधा-सीधा आरोपी बनाते हुए कहा है कि पहले आदमपुर निवासी एक कार्यकर्ता को मंडल उपाध्यक्ष बनवाया और बाद में उसे हटवाने को कह दिया! दबाव बनाकर नगर अध्यक्ष संजीव गुप्ता मंडल उपाध्यक्ष (आदमपुर) से शराब की पेटी और 50000 रुपये मांग रहे हैं!’ जिसकी ऑडियो शहर में खूब वायरल हो रही है। पीड़ित मंडल उपाध्यक्ष ने पार्टी हाईकमान से शिकायत कर कार्यवाही की मांग की है। 
सुर्खियों में आया नया मामला यह है कि बिजनौर आदमपुर मंडल में मंडल उपाध्यक्ष हैं रणजीत सैनी, जिन्हें  संजीव गुप्ता ने आदमपुर मंडल के अध्यक्ष से सिफारिश कर बनवाया था। बताया गया है कि उसके विरुद्ध कोई मुकदमा चल रहा है। आरोप है कि नगर अध्यक्ष संजीव गुप्ता एक पत्रकार के साथ मिलकर रणजीत सैनी से पचास हजार रुपये और एक पेटी शराब की मांग कर रहे हैं। 
रणजीत सैनी ने दबाब में आकर 24000 हजार रुपये संजीव गुप्ता को दे दिये। यह मामला कल संघ परिवार के विभाग संचालक के सामने मंडल अध्यक्ष आदमपुर और रणजीत सेनी ने उठाया। तभी संजीव गुप्ता का फोन रणजीत सैनी के पास आया और वह शेष रुपये और शराब की पेटी की मांग करने लगे। उक्त विषय से मंडल अध्यक्ष आदमपुर ने विभाग  प्रचारक, सह विभाग कार्यवाह, जिला  कार्यवाह, जिलाध्यक्ष भाजपा बिजनौर को अवगत भी कराया। इसके अलावा  जिलाध्यक्ष को लिखित शिकायत भी की। 

संजीव गुप्ता ने नकारा 
इस मामले को नगर अध्यक्ष ने सिरे से खारिज कर दिया। कहते हैं कि कुछ विरोधी उन्हें नीचा दिखाने के लिये आयेदिन प्रपंच करते रहते हैं। 

कर बैठे पार्टी कार्यालय में हाथापाई! 
वहीं आज भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पर नगर अध्यक्ष संजय गुप्ता व उपाध्यक्ष रणजीत सैनी में  हाथापाई हो गई, कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव कराया। इसके बाद भी दोनों पदाधिकारियों के विरुद्ध  कार्यवाही नहीं होगी तो निश्चित है कि संस्कारी पार्टी का एक नया चेहरा लोगों के सामने होगा और विपक्षी पार्टियों को अचूक अवसर मिलेगा। 
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सौजन्य से धारा आईटीआई-

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