5 जून को उपछाया चंद्र ग्रहण

5 जून को उपछाया चंद्र ग्रहण

Sanjay Saxena 
29 मई 2020 

लखनऊ। इस वर्ष जून में दो और जुलाई में एक ग्रहण होगा। 5 जून को उपछाया चंद्र ग्रहण, 21 जून को सूर्य ग्रहण और 5 जुलाई को फिर से उपछाया ग्रहण होगा। 5 जून को ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा है। 21 जून को आषाढ़ मास की अमावस्या है। 5 जुलाई को आषाढ़ मास की पूर्णिमा है। इन तीनों तिथियों पर ग्रहण होंगे। 
हिन्दी पंचांग के अनुसार एक ही माह में तीन ग्रहण होने वाले हैं। इस साल 5 जून को लगने वाला उपछाया चंद्र ग्रहण भारत में रहेंगा, 5 जून एवं 5 जुलाई के दोनों चंद्र ग्रहण उपछाया हैं, उपच्छाया चंद्र ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा धरती की वास्तविक छाया में न आकर उसकी उपच्छाया से ही वापस लौट जाता है. अतः  उपछाया चंद्र ग्रहण का कोई भी धार्मिक असर मान्य नहीं होगा। किसी भी राशि पर भी इन दोनों चंद्र ग्रहण का असर नहीं होगा।

21 जून का सूर्य ग्रहण दिखेगा भारत में 
21 जून को खंडग्रास यानी आंशिक सूर्य ग्रहण रहेगा। ये ग्रहण भारत के अलावा एशिया, अफ्रिका और यूरोप कुछ क्षेत्रों में भी दिखेगा। ग्रहण का स्पर्श सुबह 10.14 मिनट पर, ग्रहण का मध्य 11.56 मिनट पर और ग्रहण का मोक्ष 1.38 मिनट पर होगा। ग्रहण का सूतक काल 20 जून की रात 10.14 मिनट से आरंभ हो जाएगा। सूतक जो 21 जून की दोपहर 1.38 तक रहेगा। इस वर्ष का यह एक मात्र ग्रहण होगा जो भारत में दिखेगा और इसका धार्मिक असर भी मान्य होगा। ये ग्रहण मृगशिरा नक्षत्र में और मिथुन राशि में लगेगा। जब मिथुन राशि में सूर्य या चंद्र ग्रहण होता है तो उच्च पदों पर स्थित महिलाएं, राजा, मंत्री, कला क्षेत्र में काम करने वाले के लिए समय कष्टकारी होता है।
मृगशिरा नक्षत्र के स्वामी मंगल है। मकर राशि में स्थित वक्री शनि की पूर्ण तृतीय दृष्टि, मीन राशि में स्थित मंगल पर पड़ रही है, मंगल की सूर्य पर दृष्टि और शनि-गुरु की युति है। प्राकृतिक आपदा आने के योग, विश्व में राष्ट्रों में बढ़ेगा तनाव, महामारी से राहत मिल सकती है मेष, सिंह, कन्या, कुंभ राशि के लिए सूर्य ग्रहण शुभ फल देने की स्थिति में रहेगा। वृष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर और मीन राशि के लोगों को सतर्क रहकर काम करना होगा।

ज्योतिषाचार्य-एस.एस.नागपाल, लखनऊ

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