02 जून को निर्जला एकादशी व्रत

02 जून को निर्जला एकादशी व्रत

Sanjay Saxena 
29 मई 2020 

लखनऊ। ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी को निर्जला एकादशी और भीमसेन एकादशी कहते है। एकादशी के सूर्योदय से द्वादशी के सूर्योदय तक जल ग्रहण न करने के विधान के कारण इसे निर्जला एकादशी कहते है। भीम ने केवल यहीं एकादशी करके सारी एकादशी का फल प्राप्त किया था। इस वर्ष एकादशी 1 जून को दिन 02:56 से प्रारम्भ होकर 2 जून को दिन 12:04 तक है। इस दिन महिलाएं अन्न, फल और बिना जल के पूरे दिन उपवास करती है। इस व्रत को करने से आयु और आरोग्य की वृद्वि होती है। मान्यता है कि अधिक मास सहित एक साल की 26 एकादशी न की जा सकें तो केवल निर्जला एकादशी व्रत करने से ही पूरा फल प्राप्त होता है। इस दिन व्रती को भगवान श्री विष्णु का जप और ध्यान करना चाहिये। पूरे दिन उपवास के बाद द्वादशी के दिन प्रातःकाल स्नान आदि कर अन्न, वस्त्र, छाता, पंखी ,घड़ा इत्यादि दान करना चाहिए। 
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